राम चंद्र नेशनल
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इस विकि पर "राजा हरिश्चन्द्र" नाम से एक पन्ना मौजूद है
- चन्द्र टरै सूरज टरै, टरै जगत व्यवहार, पै दृढ श्री हरिश्चन्द्र का टरै न सत्य विचार। राजा हरिश्चंद्र की पत्नी का नाम तारा था और पुत्र का नाम रोहिताश था।9 KB (591 शब्द) - 03:38, 19 अक्टूबर 2021
- दत्तात्रय दामोदर दबके – राजा हरिश्चन्द्र अन्ना सालुंके – राजा हरिश्चन्द्र की पत्नी तारामति बालाचन्द्र डी॰ फालके – हरिश्चन्द्र का पुत्र रोहिताश जी. व्ही6 KB (257 शब्द) - 11:57, 16 फ़रवरी 2021
- सत्य हरिश्चंद्र भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा लिखित चार अंकों का नाटक है। काशी पत्रिका नामक पाक्षिक हिन्दी पत्र में प्रकाशित यह नाटक पहली बार १८७६ ई. में1 KB (51 शब्द) - 17:20, 1 अक्टूबर 2021
- सिद्धी हरिश्चंद्र घाट पर प्राप्त की थी। वर्ष 2020 की होली से चिता भस्म होली की शुरूआत हुई जो इससे पहले केवल मणिकर्णिका घाट पर ही प्रचलित थी । हरिश्चन्द्र घाट4 KB (259 शब्द) - 04:59, 18 अप्रैल 2021
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (9 सितंबर 1850-6 जनवरी 1885) आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह कहे जाते हैं। वे हिन्दी में आधुनिकता के पहले रचनाकार थे। इनका मूल नाम64 KB (3,981 शब्द) - 04:29, 16 दिसम्बर 2021
- मुचुकुन्द द्वापर युग के इक्ष्वाकु (सूर्यवंश) कुल के राजा थे, जिस कुल में श्री राम, राजा दिलीप, राजा हरिश्चन्द्र, रघु, इत्यादि महारथी हुए। उनके भाई अम्बरीष उनके4 KB (295 शब्द) - 08:48, 6 अक्टूबर 2021
- दत्तात्रय दामोदर दबके भारत की पहली मूक फिल्म राजा हरिश्चंद्र में मुख्य भूमिका (राजा हरिश्चंद्र की) निभाई थी, और इस फिल्म के निर्देशक और निर्माता दादा3 KB (134 शब्द) - 00:32, 15 जून 2020
- अंधेर नगरी (अंधेर नगरी चौपट राजा से पुनर्निर्देशित)चार सिपाही - राजा के सिपाही "अंधेर नगरी". हिन्दी समय. मूल से 3 जून 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 जुलाई 2020. भारत दुर्दशा सत्य हरिश्चन्द्र अंधेर नगरी10 KB (613 शब्द) - 09:27, 31 जनवरी 2022
- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में हिन्दी रचनाओं के लिये दिये जाते हैं। यह पुरस्कार भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन5 KB (292 शब्द) - 06:40, 11 फ़रवरी 2020
- के पूर्वज हैं। राजा सत्यव्रत जब वृद्ध होने लगे तो उन्हे राज-पाट त्याग कर अपने पुत्र हरिश्चंद्र को अयोध्या का राजा घोषित कर दिया। राजा सत्यव्रत एक धार्मिक8 KB (548 शब्द) - 00:11, 15 जून 2020
- तदनन्तर बलभद्रजी की तीर्थ यात्रा, द्रौपदी के पांचों पुत्रों की कथा, राजा हरिश्चन्द्र की पुण्यमयी कथा, आडी और बक पक्षियों का युद्ध, पिता और पुत्र का आख्यान10 KB (517 शब्द) - 05:16, 29 जून 2021
- (विष्णु.) के पुत्र, जनमेजय के भाई, अथवा जनमेजय और मनस्यु के पिता, एक पौराणिक राजा जिन्होंने तीन अश्वमेघयज्ञ किए थे। पांड्यराज जो महाभारत के युद्ध में अश्वत्थामा1 KB (56 शब्द) - 12:30, 6 फ़रवरी 2018
- सुखदेव महाभारत के पश्चात के कुरु वंश के राजा। कलियुग वंशावली यह प्राचीन भारत के सूर्यवंश-चन्द्रवंश के प्रसिद्ध राजा थे। भारतीय इतिहास अति प्राचीन है। पौराणिक12 KB (618 शब्द) - 13:53, 19 अक्टूबर 2020
- अधिक प्रयोग होता था। राजा साहब 'आम फहम और खास पसंद' भाषा के पक्षपाती और ब्रिटिश शासन के निष्ठावान् सेवक थे। भारतेंदु हरिश्चंद्र ने इन्हें गुरु मानते हुए18 KB (1,236 शब्द) - 08:25, 6 अक्टूबर 2020
- सालुंके छायाकार भी थे। १९१३ कि दादासाहब फालके की पहली पूर्ण फ़ीचर फ़िल्म राजा हरिश्चन्द्र में रानी तारामती की भूमिका निभाकर सालुंके भारतीय सिनेमा में नायिका15 KB (917 शब्द) - 00:00, 16 जून 2020
- प्रस्तुत हुई है। जैसा कि – प्रथम पिता की बात ऐसी हैः- इक्ष्वाकुवंश के राजा हरिश्चन्द्र को सो सो पत्नीयाँ होते हुये भी वे अपुत्र थे। (इन सो पत्नीओं से उनको37 KB (2,878 शब्द) - 11:21, 11 जून 2020
- संस्थापक थे।) भद्रसेनका (भद्रसेन) (सूर्यवंशी राजा त्रिशंकु से समकालीन) दुर्मदा (सूर्यवंशी राजा हरिश्चंद्र के लिए समकालीन) डारडम भीम समहत कनक धनक (भगवान27 KB (1,442 शब्द) - 13:25, 5 फ़रवरी 2022
- उन्होने होयसला राजाओं के आश्रय में साहित्यरचना की। उन्होने कन्नड साहित्य में शतपदी छन्द का प्रयोग करके उसे लोकप्रिय बनाया। हरिश्चन्द्र काव्य उनकी प्रसिद्ध688 B (32 शब्द) - 22:14, 3 मार्च 2020
- राजा लक्ष्मण सिंह (9 अक्टूबर 1826 ई. - 14 जुलाई 1896 ई.), भारतेंदु हरिश्चंद्र युग से पूर्व की हिन्दी गद्यशैली के प्रमुख विधायक थे। इन्होने हिन्दी को हिन्दी9 KB (575 शब्द) - 06:09, 30 अप्रैल 2021
- समय हिन्दी के सौभाग्य से भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने साहित्य के क्षेत्र में प्रवेश किया। उन्होंने राजा शिवप्रसाद तथा राजा लक्ष्मण सिंह की आपस में विरोधी शैलियों31 KB (1,961 शब्द) - 15:19, 16 जनवरी 2022
अन्य प्रकल्पों से परिणाम
- रामचंद्र कृत 'सत्यहरिश्चन्द्र नाटकम्' नाम के दो रूपक मिलते हैं जो राजा हरिश्चन्द्र की आख्यायिका लेकर निर्मित हुए है। यद्यपि भारतेन्दुजी का सत्यहरिश्चन्द्र
- से राजा हरिश्चन्द्र का कफ़न मांगना देख सुनकर आंसू नहीं आ जाते, दांत निकल पड़ते हैं? डाॅ. नगेन्द्र इसका उत्तर यों देते हैं "माना कि, 'सत्य हरिश्चन्द्र' का
- हरिश्चंद्र ^१ वि॰ [सं॰ हरिश्चन्द्र] सोने की सी चमकवाला । स्वर्णाभ । (वैदिक) । हरिश्चंद्र ^२ संज्ञा पुं॰ सूर्यवंश का अट्ठाईसवाँ राजा जो त्रिशंकु का पुत्र
- किया गया। कथानक इस में सूर्य कुल के राजा हरिश्चन्द्र की कथा है। अंक विभाजन प्रथम अंक- इन्द्रसभा द्वितीय अंक- हरिश्चन्द्र की सभा तृतीय अंक- काशी में विक्रय
- दबाई हमें हेठवा२० बटोहिया। मंगल करी कलोल, घरे-घरे बाजी ढोल, कहत ' भिखारी' खोजऽ पिया के बटोहिया। पिया गइले कलकतवा ए सजनी बारहमासा राजा हरिश्चंद्र स्वांग
- मल्टीमीडिया
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